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Mukhyamantri Alpsankhyak Kalyan Chhatravas Khadyann Yojana

Ankit Kumar Fact Checked
September 15, 2026
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Mukhyamantri Alpsankhyak Kalyan Chhatravas Khadyann Yojana

AI Summary

बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास खाद्यान्न योजना के तहत पात्र छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को हर महीने 15 किलो खाद्यान्न निःशुल्क दिया जाता है। इसमें प्रति छात्र 9 किलो चावल और 6 किलो गेहूं की डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से आपूर्ति की जाती है।

बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास खाद्यान्न योजना राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की एक कल्याणकारी योजना है। इसे Welfare Institutions and Hostels Scheme के तहत निःशुल्क खाद्यान्न के लाभ से वंचित अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को खाद्यान्न सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वीकृत किया गया।

योजना के तहत पात्र छात्रावासों में आवासित प्रत्येक छात्र/छात्रा को हर महीने कुल 15 किलो खाद्यान्न निःशुल्क दिया जाता है, जिसमें 9 किलो चावल और 6 किलो गेहूं शामिल है। खाद्यान्न की आपूर्ति डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से संबंधित छात्रावास तक की जाती है।

Benefits & Features

• प्रत्येक पात्र छात्र/छात्रा को प्रतिमाह 15 किलो खाद्यान्न निःशुल्क मिलता है।

• कुल खाद्यान्न में 9 किलो चावल दिया जाता है।

• कुल खाद्यान्न में 6 किलो गेहूं दिया जाता है।

• खाद्यान्न के लिए लाभार्थी से कोई राशि नहीं ली जाती है।

• खाद्यान्न की आपूर्ति डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से छात्रावास तक की जाती है।

• खाद्यान्न की लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है।

• योजना पात्र अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावासों में आवासित विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करती है।

• भविष्य में निर्माण के बाद संचालित होने वाले पात्र अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावासों को भी योजना से आच्छादित करने का प्रावधान है।

Eligibility Criteria

• छात्र/छात्रा संबंधित अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास में विधिवत आवासित होना चाहिए।

• विद्यार्थी का नाम संबंधित छात्रावास के रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए।

• विद्यार्थी किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत होना चाहिए।

• संबंधित छात्रावास अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत पात्र होना चाहिए।

• छात्र/छात्रा को विभाग द्वारा निर्धारित छात्रावास संबंधी नियमों का पालन करना होगा।

• लाभार्थी की पात्रता संबंधित छात्रावास एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा सत्यापित की जा सकती है।

• योजना का लाभ विभाग द्वारा निर्धारित वर्तमान नियम एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार दिया जाएगा।

Documents Required

• आधार कार्ड

• निवास प्रमाण पत्र

• छात्र पहचान पत्र

• नामांकन प्रमाण पत्र

• शैक्षणिक प्रमाण पत्र

• छात्रावास आवासन प्रमाण

• पासपोर्ट साइज फोटो

• मोबाइल नंबर

How to Apply

• सबसे पहले संबंधित अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास में विधिवत नामांकन/आवासन सुनिश्चित करें।

• छात्रावास प्रशासन को मांगी गई व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक जानकारी उपलब्ध कराएं।

• आवश्यक दस्तावेज एवं छात्रावास संबंधी विवरण जमा करें।

• छात्रावास में आवासित पात्र छात्र-छात्राओं की सूची निर्धारित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार तैयार की जाती है।

• संबंधित अधिकारियों द्वारा लाभार्थियों की जानकारी एवं पात्रता का सत्यापन किया जाता है।

• स्वीकृत लाभार्थियों के लिए निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न आवंटित किया जाता है।

• खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी संबंधित छात्रावास तक की जाती है, जहां से पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलता है।

Frequently Asked Questions

Q1. बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास खाद्यान्न योजना क्या है?
यह बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजना है, जिसके तहत पात्र अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावासों में आवासित छात्र-छात्राओं को हर महीने निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।
Q2. इस योजना के तहत कितना खाद्यान्न मिलता है?
प्रत्येक पात्र छात्र या छात्रा को प्रतिमाह कुल 15 किलो खाद्यान्न निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
Q3. योजना में कितना चावल और गेहूं मिलता है?
कुल 15 किलो खाद्यान्न में 9 किलो चावल और 6 किलो गेहूं दिया जाता है।
Q4. क्या खाद्यान्न के लिए विद्यार्थियों को पैसे देने पड़ते हैं?
नहीं, योजना के तहत निर्धारित 15 किलो खाद्यान्न पात्र छात्र-छात्राओं को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
Q5. खाद्यान्न की आपूर्ति कैसे की जाती है?
खाद्यान्न की आपूर्ति डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के माध्यम से सीधे संबंधित अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास तक की जाती है।
Q6. इस योजना का लाभ किसे मिलता है?
योजना का लाभ संबंधित पात्र अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास में विधिवत आवासित और निर्धारित विभागीय शर्तें पूरी करने वाले छात्र-छात्राओं को मिलता है।
Q7. क्या मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में पढ़ना आवश्यक है?
योजना से संबंधित विभागीय जानकारी के अनुसार छात्रावास में आवासित विद्यार्थी का मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत होना आवश्यक है।
Q8. योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य पात्र छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराकर उनकी भोजन संबंधी जरूरतों में सहायता करना और शिक्षा जारी रखने में सहयोग देना है।
Q9. इस योजना को किस विभाग द्वारा संचालित किया जाता है?
योजना का संचालन बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है।
Q10. खाद्यान्न की लागत कौन वहन करता है?
योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले खाद्यान्न की लागत एवं संबंधित सरकारी आपूर्ति व्यवस्था का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
Q11. क्या भविष्य में बनने वाले छात्रावासों को भी योजना का लाभ मिलेगा?
सरकारी संकल्प में भविष्य में निर्माण के बाद संचालित होने वाले पात्र अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावासों को भी इस योजना से आच्छादित करने का प्रावधान किया गया है।
Q12. क्या योजना में सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में पैसा मिलता है?
नहीं, यह खाद्यान्न सहायता योजना है। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित मात्रा में चावल और गेहूं उपलब्ध कराया जाता है। छात्रावास अनुदान एक अलग योजना है।
Q13. इस योजना के लिए कौन से दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं?
सत्यापन के लिए आधार कार्ड, छात्र पहचान पत्र, नामांकन प्रमाण, छात्रावास आवासन संबंधी प्रमाण, फोटो और अन्य विभाग द्वारा मांगे गए दस्तावेज आवश्यक हो सकते हैं।
Q14. योजना को कब स्वीकृति मिली थी?
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास खाद्यान्न योजना को बिहार मंत्रिपरिषद की 3 नवंबर 2021 की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई थी।
Q15. योजना की आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
योजना से संबंधित आधिकारिक जानकारी बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की वेबसाइट और विभाग द्वारा जारी सरकारी संकल्प एवं अधिसूचनाओं से प्राप्त की जा सकती है।
Ankit Kumar

About Ankit Kumar

Ankit Kumar is an expert in Indian Government Schemes with over 5 years of experience. He is dedicated to bringing accurate, verified, and timely updates about Sarkari Yojanas to the public. His in-depth research helps millions of users understand complex eligibility criteria and application processes easily.