Home»कृषि»Bihar Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana
Bihar Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana Logo

Bihar Mukhyamantri Samekit Chaur Vikas Yojana

Ankit Kumar Fact Checked
September 12, 2026
12K Views

AI Summary

बिहार मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत अनुपयोगी निजी चौर भूमि को तालाब निर्माण एवं मत्स्य पालन के लिए विकसित किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक हेक्टेयर में 1, 2 या 4 तालाब निर्माण के लिए सभी पात्र वर्गों को इकाई लागत पर 50% अनुदान का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण मत्स्य विकास योजना है। इसका उद्देश्य राज्य में उपलब्ध अनुपयोगी एवं अविकसित निजी चौर भूमि को मत्स्य पालन योग्य जलक्षेत्र में विकसित कर मछली उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के अंतर्गत एक हेक्टेयर भूमि में एक तालाब, दो तालाब या चार तालाब का निर्माण इनपुट सहित कराया जा सकता है। वर्तमान स्वीकृत प्रावधान के अनुसार सामान्य, अत्यंत पिछड़ा तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 50% अनुदान निर्धारित है।

Benefits & Features

• निजी चौर भूमि को विकसित कर मत्स्य पालन योग्य बनाया जाता है।

• एक हेक्टेयर में एक तालाब निर्माण इनपुट सहित इकाई लागत ₹9.69 लाख निर्धारित है।

• एक हेक्टेयर में दो तालाब निर्माण इनपुट सहित इकाई लागत ₹8.88 लाख है।

• एक हेक्टेयर में चार तालाब निर्माण इनपुट सहित इकाई लागत ₹7.32 लाख है।

• वित्तीय वर्ष 2026-27 में पात्र लाभार्थियों के लिए 50% अनुदान का प्रावधान है।

• सामान्य, अत्यंत पिछड़ा और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 50% अनुदान निर्धारित है।

• योजना से चौर क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलती है।

• मत्स्य पालन के साथ कृषि, बागवानी एवं कृषि वानिकी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

Eligibility Criteria

• आवेदक बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए।

• आवेदक के पास योजना के लिए उपयुक्त निजी चौर भूमि होनी चाहिए।

• योजना के निर्धारित घटक के लिए कम से कम 1 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है।

• व्यक्तिगत लाभार्थी अथवा पात्र समूह योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

• भूमि के स्वामित्व या वैध लीज से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।

• आवेदक को मत्स्य निदेशालय द्वारा निर्धारित योजना संबंधी शर्तों का पालन करना होगा।

• लाभार्थी का चयन विभाग द्वारा आवेदन एवं भूमि के सत्यापन के बाद किया जाएगा।

Documents Required

• आधार कार्ड

• निवास प्रमाण पत्र

• भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र

• लीज एकरारनामा (यदि लागू हो)

• बैंक पासबुक

• जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

• पासपोर्ट साइज फोटो

• शपथ एवं सहमति पत्र

How to Apply

• मत्स्य निदेशालय, बिहार की आधिकारिक वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर जाएं।

• “मत्स्य योजनाओं हेतु आवेदन” विकल्प में नया पंजीकरण करें।

• पहले से पंजीकृत आवेदक अपने यूजर आईडी/पासवर्ड से लॉगिन करें।

• मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना का चयन करें।

• आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत, बैंक और भूमि संबंधी जानकारी सही-सही भरें।

• मांगे गए दस्तावेज, फोटो तथा शपथ एवं सहमति पत्र अपलोड करें।

• आवेदन सबमिट कर पंजीकरण/आवेदन विवरण सुरक्षित रखें और पोर्टल पर आवेदन की स्थिति जांचते रहें।

Frequently Asked Questions

Q1. बिहार मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना क्या है?
यह बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय की योजना है, जिसके तहत अनुपयोगी एवं अविकसित निजी चौर भूमि को तालाब निर्माण और मत्स्य पालन के लिए विकसित करने हेतु पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी जाती है।
Q2. मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना में कितना अनुदान मिलता है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 की आधिकारिक योजना सूची के अनुसार सामान्य, अत्यंत पिछड़ा तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र लाभार्थियों के लिए निर्धारित इकाई लागत का 50% अनुदान है।
Q3. एक हेक्टेयर में एक तालाब बनाने की इकाई लागत कितनी है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 में इनपुट सहित एक हेक्टेयर में एक तालाब निर्माण की निर्धारित इकाई लागत ₹9.69 लाख है।
Q4. एक हेक्टेयर में दो तालाब बनाने की लागत कितनी है?
योजना के तहत एक हेक्टेयर में दो तालाब निर्माण इनपुट सहित निर्धारित इकाई लागत ₹8.88 लाख है।
Q5. एक हेक्टेयर में चार तालाब बनाने की लागत कितनी है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रावधान के अनुसार एक हेक्टेयर में चार तालाब निर्माण इनपुट सहित इकाई लागत ₹7.32 लाख है।
Q6. इस योजना के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजना सूची में मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के निर्धारित घटक के लिए 1 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई गई है।
Q7. मुख्यमंत्री चौर विकास योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
योजना का उद्देश्य अनुपयोगी और अविकसित निजी चौर भूमि को मत्स्य पालन योग्य बनाकर मछली उत्पादन, उत्पादकता, रोजगार और लाभार्थियों की आय बढ़ाना है।
Q8. क्या सामान्य वर्ग को भी योजना में अनुदान मिलता है?
हाँ। वित्तीय वर्ष 2026-27 की आधिकारिक सूची के अनुसार सामान्य वर्ग के पात्र लाभार्थियों के लिए भी निर्धारित इकाई लागत पर 50% अनुदान का प्रावधान है।
Q9. क्या अत्यंत पिछड़ा वर्ग को योजना का लाभ मिलता है?
हाँ। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पात्र लाभार्थियों के लिए भी निर्धारित इकाई लागत का 50% अनुदान दर्ज है।
Q10. क्या SC/ST लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलता है?
हाँ। वित्तीय वर्ष 2026-27 की स्वीकृत योजना सूची में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र लाभार्थियों के लिए 50% अनुदान निर्धारित है।
Q11. मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदक मत्स्य निदेशालय बिहार की आधिकारिक वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर मत्स्य योजनाओं हेतु पंजीकरण करके लॉगिन कर सकते हैं और उपलब्ध योजना में मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना का चयन कर आवेदन कर सकते हैं।
Q12. क्या आवेदन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी है?
हाँ। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मत्स्य निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि योजना में ऑनलाइन आवेदन करने हेतु पंजीकरण करना अनिवार्य है।
Q13. योजना में कौन-कौन से तालाब निर्माण विकल्प उपलब्ध हैं?
वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक हेक्टेयर में एक तालाब, एक हेक्टेयर में दो तालाब और एक हेक्टेयर में चार तालाब का निर्माण इनपुट सहित प्रमुख विकल्प हैं।
Q14. योजना के लिए शपथ एवं सहमति पत्र जरूरी है?
मत्स्य निदेशालय के वित्तीय वर्ष 2026-27 योजना दस्तावेज अनुभाग में मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के लिए शपथ एवं सहमति पत्र उपलब्ध कराया गया है। आवेदन के समय पोर्टल पर मांगे गए दस्तावेजों के अनुसार इसे जमा करना चाहिए।
Q15. मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?
इस योजना की आधिकारिक जानकारी और ऑनलाइन आवेदन की सुविधा बिहार सरकार के मत्स्य निदेशालय की वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर उपलब्ध है।
Ankit Kumar

About Ankit Kumar

Ankit Kumar is an expert in Indian Government Schemes with over 5 years of experience. He is dedicated to bringing accurate, verified, and timely updates about Sarkari Yojanas to the public. His in-depth research helps millions of users understand complex eligibility criteria and application processes easily.